
बिलासपुर। सरकण्डा थाना क्षेत्र में मकान बेचने के नाम पर 40 लाख रुपये की ठगी करने के दो आरोपियों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला अप.क्र. 1618/2025 धारा 420, 34 भादवि के तहत दर्ज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सूर्या विहार निवासी प्रार्थी अजीत शुक्ला ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका परिचय आरोपी दिनेश प्रताप सिंह से था। इसी परिचय का लाभ उठाते हुए दिनेश ने अप्रैल 2024 में उसे भास्कर प्रसाद त्रिपाठी से मिलवाया, जिसने स्वयं को एसईसीएल कोरबा का कर्मचारी बताते हुए मोपका स्थित अपना मकान बेचने की बात कही। मकान देखने के बाद प्रार्थी ने खरीदने की सहमति जताई और 26 अप्रैल 2024 को 50 रुपये के स्टाम्प पर इकरारनामा तैयार किया गया, जिसमें 3 माह में रजिस्ट्री करने की बात लिखी गई थी। गवाह के रूप में दिनेश प्रताप सिंह और अरुण सिंह के हस्ताक्षर थे।

इकरारनामा के बाद प्रार्थी ने भास्कर त्रिपाठी को ऑनलाइन 36 लाख रुपये दिए, लेकिन समय बीत जाने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई गई। बाद में दोनों आरोपियों ने 40 लाख रुपये का फर्जी इकरारनामा तैयार कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया। जाँच में यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित मकान बैंक में पहले से ही बंधक था, जिसकी जानकारी प्रार्थी को छुपाई गई।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों भास्कर प्रसाद त्रिपाठी (56) और दिनेश प्रताप सिंह ठाकुर (66) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहाँ उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।




