जाम में जकड़ा बिलासपुर, घर से निकलें समय से पहले वरना ट्रैफिक करेगा बेहाल .

बिलासपुर में यातायात सुधार को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी करने से लेकर 24×7 क्विक रिस्पॉन्स टीम तक की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आती है। शहर की सड़कों पर रोज़ाना लगने वाले जाम से आम जनता बुरी तरह परेशान है।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों—जैसे सिविल लाइन, पुराना बस स्टैंड, नेहरू चौक और व्यापार विहार—में स्थिति यह है कि लोग रोज़ाना 1 से 2 घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहते हैं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल के बच्चे और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस का मुख्य ध्यान केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित हो गया है। ऑनलाइन चालान और जुर्माना वसूली में तेजी तो दिखाई देती है, लेकिन ट्रैफिक मैनेजमेंट और जाम हटाने में उतनी सक्रियता नहीं दिखती। बिना योजना के पार्किंग, ओवरलोड वाहन और नियम तोड़ने वालों पर समय पर नियंत्रण नहीं होने से हालात और बिगड़ रहे हैं।
वहीं, यातायात पुलिस का दावा है कि हेल्पलाइन नंबर और क्विक रिस्पॉन्स टीम के माध्यम से शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। लेकिन जब सड़कों पर जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है, तो यह सवाल उठना लाजमी है कि यह कार्रवाई आखिर कहां हो रही है।
अब देखना होगा कि प्रशासन केवल कागजी दावों तक सीमित रहता है या शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाता है।




