
बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र में मकान पर जबरन कब्जा करने, घर में घुसकर गाली-गलौज व तोड़फोड़ करने के छह माह पुराने मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है, जबकि एक आरोपी को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप रिहा किया गया है।
प्रार्थी जी. श्रीनिवास राव ने 23 फरवरी 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी जसबीर सिंह ने छलपूर्वक उसके मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है, जिसका मामला न्यायालय में लंबित है। उसी दिन शाम करीब 5 बजे जसबीर सिंह अपने साथियों सुदीप डे, यश तिवारी और उत्कर्ष श्रीवास्तव के साथ घर में जबरन घुस गया और मकान खाली कराने का दबाव बनाते हुए गाली-गलौज की। विरोध करने पर आरोपियों ने घर के सामान में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया था।
मामले की विवेचना के दौरान सभी आरोपी अपने ठिकानों से फरार थे। 25 नवंबर 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी राजकिशोर नगर क्षेत्र में घूमते दिखे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भापुसे) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेन्द्र जायसवाल एवं सीएसपी निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में टीम ने दबिश देकर आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपी का नाम
1. जसबीर सिंह, पिता स्व. भूपेंद्र सिंह निवासी तुलसी आवास ब्लॉक-6, राजकिशोर नगर, थाना सरकंडा
2. यश तिवारी, पिता दीपक तिवारी निवासी राजकिशोर नगर, थाना सरकंडा
3. सुदीप डे, पिता स्व. संतोष डे निवासी बसंत विहार चौक, राजकिशोर नगर, थाना सरकंडा
4. उत्कर्ष श्रीवास्तव, निवासी राजकिशोर नगर, थाना सरकंडा
उत्कर्ष श्रीवास्तव का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड न पाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट के अर्नेस कुमार बनाम बिहार राज्य प्रकरण के निर्देशानुसार उसे रिहा किया गया, जबकि शेष तीन आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।




