
बिलासपुर। संविधान दिवस और छत्तीसगढ़ स्वराज सेना के स्थापना दिवस के अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्टर बिलासपुर को पाँच सूत्रीय माँग पत्र सौंपते हुए सामाजिक न्याय, श्रमिक कल्याण और स्थानीय युवाओं के अवसरों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। संगठन ने कहा कि प्रदेश में ऐसी नीतियों की जरूरत है, जो उपेक्षित वर्गों को सीधे लाभ पहुंचाते हुए उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा कर सकें।

माँग पत्र में पहली प्रमुख माँग प्रदेश के मछुआरा समाज को एसटी आरक्षण का लाभ पुनः बहाल करने से संबंधित है। संगठन का कहना है कि यह समुदाय लंबे समय से अपने संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण की प्रतीक्षा कर रहा है, इसलिए आरक्षण लाभ तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। दूसरी माँग ताल एवं तालाब समितियों में मछुआरा समाज की भागीदारी बढ़ाकर उन्हें आजीविका सुदृढ़ करने का अवसर देने से जुड़ी है।

तीसरी माँग में स्वराज सेना ने प्राइवेट कंपनियों में भी स्थानीय लोगों की न्यूनतम भागीदारी तय कर रोजगार में प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई है। चौथी माँग प्रदेश में नए श्रम कानून लागू कर श्रमिकों को अधिक सुरक्षा और बेहतर सुविधाएँ मुहैया कराने पर केंद्रित है।
पाँचवी और अंतिम माँग में संगठन ने जिला मुख्यालय में सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित करने पर जोर दिया, जिससे बेरोजगार और शिक्षित युवाओं को राज्य एवं केंद्र सरकार की सभी आर्थिक योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर सहजता से मिल सके।
संगठन ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इन माँगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई करेगा, ताकि प्रदेश में सामाजिक और आर्थिक न्याय को मजबूती मिल सके।




