
बिलासपुर। जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षित दस्तयाबी हेतु चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत थाना कोनी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगाने, मारपीट करने तथा कई बार दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मामले का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि दिनांक 11 दिसंबर 2025 को पीड़िता की मां द्वारा थाना कोनी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। रिपोर्ट के आधार पर थाना कोनी में अपराध क्रमांक 586/25 धारा 137(2), 87, 64(2)(एम), 115(2) बीएनएस एवं 4/6 पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार जिले में गुम हुए नाबालिगों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि अपहृता आरोपी के साथ गोंदिया, महाराष्ट्र में है। वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री पंकज पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्री गगन कुमार (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर महाराष्ट्र रवाना की गई।
पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए अपहृता बालिका को आरोपी करन उर्फ कोलिहा मांडले (22 वर्ष), निवासी ग्राम डोड़की, थाना बिल्हा, जिला बिलासपुर के कब्जे से सुरक्षित बरामद किया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ गोंदिया ले गया, जहां उसके साथ मारपीट कर जबरन कई बार दुष्कर्म किया।
पुलिस ने आरोपी को 3 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक भावेश शेंडे, महिला प्रधान आरक्षक बालमती यादव, आरक्षक मुकेश कुमार सूर्यवंशी एवं आरक्षक जितेन्द्र मिश्रा का विशेष योगदान




