सुरक्षित नहीं खाकी का घर: जब ‘रक्षक’ के ही 10 ताले तोड़कर ‘भक्षक’ ले उड़े 20 लाख …

बिलासपुर। जब कानून के रखवालों के ही घर सुरक्षित न हों, तो आम जनता अपनी सुरक्षा की भीख किससे मांगे? न्यायधानी बिलासपुर में चोरों ने खाकी की धौंस और पुलिसिया खौफ को ठेंगे पर रख दिया है। रायपुर में पदस्थ सब इंस्पेक्टर जे.पी. साहू ग्राम अमसेना थाना हिर्री स्थित सूने मकान को निशाना बनाकर चोरों ने पुलिसिया तंत्र पर करारा वारदात जड़ा है।
अज्ञात चोरों ने एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 10 ताले चटकाकर खाकी की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। जब सब इंस्पेक्टर का परिवार एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गया था, तब बेखौफ चोरों ने इत्मीनान से घर खंगाला। अलमारी में रखे 12 तोला सोने-चांदी के जेवरात और एक लाख रुपये नकदी समेत करीब 20 लाख रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया।

सवाल यह उठता है कि जिस पुलिस के कंधों पर शहर की सुरक्षा का जिम्मा है, क्या उसकी खुफिया और गश्त प्रणाली इतनी खोखली हो चुकी है कि चोर अब थानेदारों के घरों में ही डकैती डाल रहे हैं?

वारदात के बाद हमेशा की तरह पुलिसिया अमला जागा। एएसपी मधुलिका सिंह, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचीं। लकीर पीटने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और ‘जल्द खुलासे’ का घिसा-पिटा आश्वासन दिया जा रहा है।
यह घटना सीधे तौर पर बिलासपुर पुलिस की सुस्त गश्त और अपराधियों में खत्म हो चुके कानून के डर को उजागर करती है। अगर चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे पुलिस के ही घर में घुसकर 10 ताले तोड़ने की हिम्मत रख सकते हैं, तो आम नागरिकों के घरों की बिसात ही क्या है? देखना होगा कि अपनी साख बचाने के लिए पुलिस इन बेखौफ चोरों को कब तक सलाखों के पीछे भेज पाती है।




