बिलासपुर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान: लॉकअप में कैसे चला ब्लेड …

बिलासपुर। कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाले अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे पुलिस कस्टडी में भी बेखौफ होकर खूनी खेल खेल रहे हैं। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जरहाभाठा में डल्ला नाच कार्यक्रम के दौरान चाकू के साथ दबोचे गए शातिर आरोपी रामा कुर्रे ने थाने के लॉकअप के भीतर खुद को ब्लेड से लहूलुहान कर लिया। इस सनसनीखेज वारदात ने बिलासपुर पुलिस की मुस्तैदी और उनकी ‘हाई-टेक’ चेकिंग के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था हुई ‘धड़ाम’, प्रशासन की लापरवाही उजागर
सवाल यह उठता है कि जब आरोपी को ‘विधिवत तलाशी’ के बाद लॉकअप में डाला गया था, तो उसके पास ब्लेड का टुकड़ा कहां से आया? क्या पुलिस की तलाशी महज एक औपचारिकता थी? शुरुआती जांच में पुलिस यह लचर दलील दे रही है कि आरोपी ने ब्लेड मुंह में छिपा रखा था। लेकिन यह बहाना पुलिसिया नाकामी को छिपाने के लिए नाकाफी है। क्या थाने की हवालात इतनी असुरक्षित हो चुकी है कि अपराधी वहां बैठकर पुलिस पर दबाव बनाने के लिए खुद को घायल कर रहे हैं?
मुलाकातियों पर भी संदेह के घेरे
घटना से ठीक पहले आरोपी से मिलने आई उसकी परिचित महिला मधु और एक नाबालिग की भूमिका भी बेहद संदिग्ध है। आशंका है कि सुरक्षा में सेंध लगाकर ब्लेड अंदर पहुंचाया गया।
अगर एक आदतन अपराधी लॉकअप के भीतर धारदार हथियार का इस्तेमाल कर सकता है, तो कस्टडी में बंद अन्य लोगों और खुद पुलिसकर्मियों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। बिलासपुर पुलिस को इस गंभीर लापरवाही पर ‘जांच का नाटक’ करने के बजाय अपनी खोखली सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने की सख्त जरूरत है।




