
बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत एरमसाही धान खरीदी केंद्र में धान की गिनती को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। प्रशासन द्वारा 920 क्विंटल धान की कमी बताए जाने के बाद की गई कार्रवाई से किसानों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखा गया। विरोधस्वरूप बड़ी संख्या में लोग केंद्र पर एकत्र हुए और दोबारा निष्पक्ष गिनती कराए जाने की मांग की।
किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि 10 दिसंबर को जिला स्तरीय टीम द्वारा की गई गिनती सही तरीके से नहीं की गई। इसी कथित त्रुटिपूर्ण गिनती के आधार पर 920 क्विंटल धान की कमी दर्शाई गई, जो पूरी तरह निराधार है। ग्रामीणों का दावा है कि बाद में जब पुनः गिनती कराई गई तो किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई गई और पूरा धान केंद्र परिसर में ही मौजूद था।

धान खरीदी केंद्र के सरपंच प्रतिनिधि मेघनाथ खांडेकर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पुनर्गणना के दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। साथ ही प्रत्येक बोरी के छल्ले पर संख्या अंकित की गई, ताकि कुल धान की स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज रहे। उनके अनुसार, उपलब्ध साक्ष्य यह साबित करते हैं कि धान की कोई कमी नहीं है।

ग्रामीणों ने प्रशासन पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई का आरोप भी लगाया है। ग्रामीण गिरधर कुमार ने कहा कि दबाव में आकर कंप्यूटर ऑपरेटर को गलत तरीके से फंसाया गया, जबकि गिनती प्रबंधक की मौजूदगी में की गई थी और उस समय कोई कमी नहीं पाई गई थी।

उल्लेखनीय है कि 10 दिसंबर को निरीक्षण के दौरान जिला स्तरीय टीम ने 920 क्विंटल धान की कमी का दावा करते हुए प्राधिकृत अधिकारी और कंप्यूटर ऑपरेटर को हटा दिया था। अब ग्रामीण और जनप्रतिनिधि पूरे मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।




