नेता मंत्री अलग नहीं मान रहे, कर्मचारी भी मन से अड़े, मंत्रियों के आदेश पर भी काम ठप पड़ा है .

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। बिलासपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में घटिया और गुणवत्ताहीन निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई तय है।
घटिया सड़क पर सख्त रुख: उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बड़ा एक्शन प्लान .
मस्तूरी और तखतपुर सहित कई क्षेत्रों की सड़कों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर उपमुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि जल्द ही जांच के आदेश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जहां भी निर्माण कार्य में लापरवाही या मानकों से समझौता पाया जाएगा, वहां जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
अरुण साव ने दो टूक कहा, “जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाले कार्यों में गड़बड़ी बिल्कुल स्वीकार नहीं है। गुणवत्ता से समझौता करने वालों की अब खैर नहीं।” उन्होंने यह भी बताया कि लोक निर्माण विभाग के तहत करीब 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से सड़क, पुल और पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिन्हें तय समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य है।
गौरतलब है कि पहले दिसंबर तक कई सड़कों के पूरा होने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक काम अधूरा है। इस पर नाराजगी जताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस चेतावनी के बाद कितना सक्रिय होता है।




