पेड़ बनकर बच्चे ने दिया पर्यावरण का संदेश: “मैं पेड़ हूं, मुझे मत काटो .

बिलासपुर / बिल्हा:आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के एक शासकीय स्कूल से दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई। यहाँ एक शिक्षक और उनके नन्हे छात्र ने मिलकर अंधाधुंध हो रही पेड़ों की कटाई के खिलाफ एक बेहद अनोखा और भावुक जन-जागरूकता अभियान चलाया।
इस मुहिम के तहत शिक्षक ने अपने छोटे से छात्र को हरे-भरे पेड़ का रूप दिया। ‘जिंदा पेड़’ बना यह मासूम बच्चा बिल्हा से लेकर बिलासपुर के विभिन्न चौक-चौराहों पर खड़ा रहा। राहगीर तब ठहर गए जब उस मासूम ने आँखों में कशिश और आवाज़ में सिसकी लिए लोगों से भावुक अपील की हैं
“मैं पेड़ हूँ, मुझे मत काटो! आज मैं हूँ तो आपका अस्तित्व है, अगर मैं नहीं रहा तो आपका भविष्य भी खतरे में पड़ जाएगा।”
“पहले बिलासपुर का मिजाज ऐसा झुलसाने वाला नहीं था। आज अंधाधुंध कटाई के कारण ही बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर बन चुका है। अगर अब भी हम नहीं संभले और कुल्हाड़ी नहीं थमी, तो मानव जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाएगा।”
भावुक छात्र के शिक्षक
तपती धूप में पर्यावरण रक्षक बने इस बच्चे के अनोखे प्रयास ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। कंक्रीट के जंगल में तब्दील होते शहरों के बीच, इस नन्हे ‘पेड़’ की पुकार ने लोगों के दिलों को झकझोर कर रख दिया कि विकास की कीमत पर विनाश को आमंत्रण देना कहाँ की समझदारी है। इस मर्मस्पर्शी पहल की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।




