
बिलासपुर। लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर भाजपा का यूनिटी फार मार्च मंगलवार को विवादों में घिर गया। तिफरा काली मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा पहले ही दिन “एकता” के बजाय “झंझट मार्च” बनकर रह गई। यात्रा की शुरुआत में ही भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला और नेत्री हर्षिता पांडेय के बीच आगे चलने और फोटोबाजी को लेकर सरेआम तीखी नोकझोंक हो गई। मौके पर मौजूद कार्यकर्ता और आमजन हैरान रह गए।
देखते ही देखते दोनों नेताओं के बीच बहस इतनी बढ़ी कि आसपास खड़े नेता और कार्यकर्ता भी असमंजस में पड़ गए। इसी दौरान थोड़ी दूरी पर चल रहे केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने आगे बढ़कर बीच-बचाव किया और दोनों को शांत कराया, हालांकि कुछ देर तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा।
वहीं, झगड़ा बढ़ते ही एक अन्य विधायक अपने समर्थकों संग वहां से रवाना हो गए और राजीव गांधी चौक पर यात्रा का इंतजार करते रहे। जब मार्च वहां पहुंचा तो उन्होंने औपचारिक स्वागत कर पुनः शामिल होकर माहौल संभालने की कोशिश की।
भाजपा का यह विवाद अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एकता का संदेश देने निकली यात्रा में नेताओं की भिड़ंत पार्टी की छवि पर सवाल खड़े कर रही है। पहले पेड़ कटवाने जैसे आरोपों से घिरी भाजपा अब “यूनिटी मार्च” में फूट के कारण चर्चा में है—जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संदेश के विपरीत नजर आ रही है।




