
बिलासपुर – अगर आपका रसोई गैस सिलेंडर सामान्य उपयोग के बावजूद जल्दी खत्म हो रहा है, तो सावधान हो जाइए। न्यायधानी में घरेलू गैस की बड़ी कालाबाजारी का पर्दाफाश हुआ है, जहां सीलबंद सिलेंडरों में 2 से 5 किलो तक गैस कम पाई जा रही है। करबला रोड स्थित बंगला गैस एजेंसी से गैस ले रहे राजकिशोर नगर के उपभोक्ताओं ने सिलेंडरों के वजन में लगातार कमी देखकर इसकी जांच की। जांच के दौरान डिलीवरी बॉय के ऑटो में रखे 7 सील पैक सिलेंडर मानक वजन से काफी कम पाए गए, जिसका वीडियो भी उपभोक्ताओं ने बना लिया।
उपभोक्ता द्वारा सवाल पूछे जाने पर डिलीवरी बॉय सूर्या बिसनोई ने कबूल किया कि कई सिलेंडरों में कम गैस भरी रहती है। इस खुलासे के बाद उपभोक्ता ने एजेंसी से शिकायत की, लेकिन उन्हें बहाने बनाए गए। बाद में मामले की शिकायत जिला कलेक्टर और खाद्य अधिकारी को लिखित रूप में सौंपी गई है।
ग्राहकों की जेब पर सेंध, खाद्य विभाग की सुस्त प्रतिक्रिया सवालों के घेरे में
घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों के बीच 3–4 किलो गैस कम मिलने से उपभोक्ता लगभग 300 रुपये तक की अतिरिक्त मार झेल रहे हैं। इसके बावजूद खाद्य विभाग की धीमी कार्रवाई ने उपभोक्ताओं में नाराज़गी बढ़ा दी है। मामले की जानकारी मिलने पर खाद्य अधिकारी अमृत कुजूर ने “जांच कर कार्रवाई” की बात कही, लेकिन कार्रवाई की गति पर लोग सवाल उठा रहे हैं।
हर दिन ठिकाना बदलता गैस चोरी का गिरोह, प्रशासन की पकड़ से बाहर
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, गैस कालाबाजारी में शामिल गिरोह बेहद चालाकी से हर दिन ठिकाना बदल देता है—कभी अशोक नगर, कभी ऊर्जा पार्क क्षेत्र। रोजाना 15–17 ऑटो इस अवैध केंद्र तक सिलेंडर पहुंचाते हैं और लगभग 100 से 150 सिलेंडरों से गैस निकालकर खुले बाजार में बेची जाती है। वीडियो लीक होने के बाद सप्लाई करने वाला सूर्या बिसनोई भी अचानक गायब हो गया है। मीडिया के सवालों पर बंगला गैस एजेंसी ने भी स्वयं को बचाने की कोशिश की।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस गैस माफिया के असली नेटवर्क तक पहुंच पाएगा या मामला फिर रस्म अदायगी में ही दबकर रह जाएगा।




