
बिलासपुर। ग्राम नवागांव, तहसील मस्तूरी में आदिवासी गोंड़ समाज के देवस्थान पर निर्मित बुढ़ादेव ठाना के पास अतिक्रमण का मामला सामने आया है। समाज के लोगों ने बताया कि गांव के ही निवासी पतिराम घृतलहरे पिता भगेला घृतलहरे, जाति सतनामी द्वारा देवस्थान के पास स्थित भूमि पर अवैध रूप से मकान निर्माण कर अतिक्रमण किया जा चुका है। बताया गया कि अब आरोपी ने बुढ़ादेव ठाना के सामने स्थित शासकीय भूमि को भी कब्जा कर घेराबंदी कर ली है।
ग्रामवासियों के अनुसार, जब समाज के लोगों ने पतिराम को अतिक्रमण रोकने की बात कही तो उसने मना करने के बावजूद कार्य बंद नहीं किया। स्थानीय लोगों ने इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत टिकारी के सरपंच को भी दी, परंतु अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इससे गोंड़ समाज के लोगों में नाराजगी है।
गोंड़ समाज के प्रतिनिधियों — शशीनला नेताम, अंजुला नेताम, कलेश्वरी नेताम, अमला मरकाम और मिलवंतीन मरकाम — ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि देवस्थान के पास हो रहे अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए, ताकि पवित्र स्थल की मर्यादा बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ादेव ठाना आदिवासी गोंड़ समाज का आस्था स्थल है, जहाँ नियमित पूजा-अर्चना और सामाजिक कार्यक्रम होते हैं, ऐसे में वहां किसी भी प्रकार का निजी निर्माण समाज की भावनाओं को आहत करता है।
ग्रामवासियों ने कलेक्टर बिलासपुर, तहसीलदार मस्तूरी और संबंधित विभागों से आग्रह किया है कि मौके पर राजस्व अमले को भेजकर जांच कराई जाए और अवैध कब्जे को हटाने की कार्यवाही की जाए। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से प्रदर्शन कर प्रशासन से जवाब मांगेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के अतिक्रमण से न केवल धार्मिक स्थल की गरिमा प्रभावित हो रही है, बल्कि भविष्य में सामाजिक विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। समाज ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन शीघ्र हस्तक्षेप कर पवित्र स्थल को मुक्त कराएगा।




