
बिलासपुर। सिविल लाइन थाना पुलिस एक बार फिर विवादों में है। शनिवार रात महाराणा प्रताप चौक स्थित जीनस पैलेस के पहले माले पर चल रहे जुआ फड़ में दबिश देकर पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से ₹2,17,000 नगद और ताश की गड्डियां जब्त की गईं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि कार्रवाई के करीब 20 घंटे बाद तक पुलिस ने न कोई बयान जारी किया और न ही किसी अधिकारी ने पुष्टि की।
सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए जुआरियों में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों से जुड़े कई नेता और कारोबारी शामिल थे। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर मामला दबाने की कोशिश की गई और पुलिसकर्मी मीडिया से दूरी बनाए रहे। आखिरकार जब खबर ऊपरी अधिकारियों तक पहुंची और एसएसपी ने सख्त फटकार लगाई, तब जाकर देर रात CSP निमितेष सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति और फोटो जारी किए।
गिरफ्तारों में चर्चित नाम:
भाजपा जिला उपाध्यक्ष संतोष कौशिक, तखतपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष नैन साहू, भाजपा पार्षद कैलाश देवांगन, कांग्रेस पार्षद मुन्ना श्रीवास, पूर्व पार्षद नरेंद्र रात्रे, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह के भतीजे विशाल सिंह, सरपंच पुत्र बल्लू पटेल, व्यवसायी प्रशांत मूर्ति, जाकीर खान, पवन पांडेय, बउवा देवांगन, क्रेगी मार्टीन, देवांश डोरा और विवेक मिश्रा के नाम शामिल हैं।
मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। चर्चा इस बात की है कि क्या पुलिस नेताओं के दबाव में कार्रवाई को दबा रही थी? क्या बड़े चेहरों की भूमिका को छिपाने की कोशिश की गई?
अब सवाल यह है कि अगर आम लोगों पर पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकती है, तो नेताओं पर देरी क्यों?
20 घंटे की चुप्पी ने सिविल लाइन पुलिस की पारदर्शिता, निष्पक्षता और साख – तीनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




