
बिलासपुर / कोटा थाना क्षेत्र के घोड़ामार गांव में युवक धीरज साहू की हत्या कर शव को तालाब में फेंकने की गुत्थी को बिलासपुर पुलिस ने महज़ तीन दिनों में सुलझा लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (IPS) के निर्देश पर एएसपी ग्रामीण डॉ. अर्चना झा, एसडीओपी मस्तूरी लालचंद मोहले, थाना कोटा पुलिस, एसीसीयू, डॉग स्क्वाड और एफएसएल की संयुक्त टीम ने लगातार तकनीकी और मैदानी जांच की।
मृतक के गुम इंसान की रिपोर्ट 01 दिसंबर को दर्ज की गई थी। 07 दिसंबर को घोड़ामार स्थित बांधा तालाब में अज्ञात शव मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पहचान धीरज साहू के रूप में हुई। पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विशेष टीम गठित की।

टीम ने मुख्य मार्गों के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, हजारों मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया और संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अनिल कुमार साहू (28 वर्ष) और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू (18 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपियों ने स्वीकार किया कि एक वर्ष पुरानी रंजिश के चलते दोनों ने धीरज की चाकू मारकर हत्या की और शव पर पत्थर बांधकर तालाब में फेंक दिया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, चाकू और पत्थर को पुलिस ने बरामद किया।
दोनों आरोपियों को आज गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस टीम के उत्कृष्ट समन्वय, सतर्कता और तकनीकी दक्षता से प्रकरण का सफल खुलासा संभव हो सका।



