सुशासन के दावों पर सवाल: बिलासपुर के मंगला में 10 दिन से ब्लैकआउट, घर छोड़ने को मजबूर हुए परिवार .

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ सरकार एक तरफ ‘सुशासन तिहार’ मनाकर समस्याओं के त्वरित समाधान के बड़े-बड़े दावे कर रही है, तो दूसरी तरफ न्यायधानी बिलासपुर से महज कुछ किलोमीटर दूर लोखंडी रोड (मंगला) स्थित दीनदयाल अर्चना विहार कॉलोनी की हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। यहां के सैकड़ों परिवार पिछले 10 दिनों से भीषण ब्लैकआउट का दंश झेल रहे हैं। बिजली गुल होने से पानी की सप्लाई भी पूरी तरह ठप है, जिससे लोगों का जनजीवन नरक बन गया है।
हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि भीषण गर्मी के बीच कई परिवार अपने घरों में ताला लगाकर रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हैं।
अवैध का बहाना, जनता परेशान
कॉलोनी में कई बिजली के खंभे जमींदोज पड़े हैं। रहवासियों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कोरा आश्वासन दे रहे हैं। अब विभाग इस कॉलोनी को ‘अवैध’ बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। इस पर आक्रोशित जनता ने तीखा सवाल उठाया है:
यदि कॉलोनी अवैध थी, तो शुरुआत में बिजली कनेक्शन और सरकारी सुविधाएं कैसे दे दी गईं?
कलेक्टर तक पहुंची गूंज
आखिरकार, सिस्टम से हारे परेशान कॉलोनीवासी अपनी पीड़ा लेकर कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कर संबंधित अधिकारियों को तत्काल युद्ध स्तर पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अब देखना यह है कि अंधेर नगरी बने इस इलाके को कब तक राहत मिलती है और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर क्या हंटर चलता है!




