भीषण गर्मी में बिजली अधिकारियों ने छुड़ाए पसीने, रिकॉर्ड कटौती से आम नागरिक बेहाल और परेशान .

बिलासपुर।भीषण गर्मी और 45 डिग्री के जानलेवा ‘नौतपा’ के बीच बिलासपुर जिले में अघोषित बिजली कटौती को लेकर कांग्रेसियों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिफरा स्थित बिजली विभाग कार्यालय का आक्रामक घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। राज्य सरकार और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी नेताओं ने सीधे तौर पर व्यवस्था को लकवाग्रस्त करार दिया।
कांग्रेस का आरोप है कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई-कई घंटों तक बत्ती गुल रहना अब आम बात हो चुकी है। मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि इस तपती धूप में बुजुर्ग, बच्चे और मरीज बूंद-बूंद पानी और हवा के लिए तरस रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार ‘सूर्य घर योजना’ के बड़े-बड़े विज्ञापनों से जनता को सुनहरे सपने बेच रही है, लेकिन हकीकत में जनता का पसीना छुड़ा रही है।
सामान और स्टाफ की कमी का रोना:
कांग्रेस नेताओं ने खुलासा किया कि बिजली विभाग के पास न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही मेंटेनेंस के लिए जरूरी सामान मिल पा रहा है। विभागीय अधिकारी खुद कर्मचारियों और संसाधनों की कमी का रोना रो रहे हैं, जिससे साफ है कि सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी: कांग्रेसियों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि बिजली आपूर्ति तत्काल नहीं सुधरी, तो यह प्रदर्शन सिर्फ ट्रेलर है। आने वाले दिनों में कलेक्ट्रेट से लेकर रायपुर मुख्यालय तक का उग्र घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।



