नशे के खिलाफ छत्तीसगढ़ में महा-अभियान: राजधानी से न्यायधानी तक पान ठेलों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई .

बिलासपुर:छत्तीसगढ़ में नशे के विरुद्ध छिड़ी जंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। राजधानी रायपुर से शुरू हुई ‘सुक्खा नशा’ के खिलाफ मुहिम अब बिलासपुर तक जा पहुंची है, जहाँ पुलिस प्रशासन ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अब तक की सबसे बड़ी स्ट्राइक की है।
बिलासपुर में खाकी का कड़ा पहरा
रायपुर पुलिस कमिश्नर के आदेशों के बाद, बिलासपुर पुलिस ने एडिशनल एसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में जिले भर में ‘सुक्खा नशा’ पर जोरदार प्रहार किया है। पुलिस की दर्जनों टीमों ने एक साथ शहर के पान ठेलों और किराना दुकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का मुख्य निशाना नशे में इस्तेमाल होने वाले सहायक उपकरण जैसे रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और परफेक्ट रोल थे, जिनकी बिक्री पर अब पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है।
छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई
पुलिस ने शहर के मुख्य बाजारों से लेकर गली-कूचों तक लगभग 40 से अधिक संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री जब्त करते हुए दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी गई है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इन रोलिंग पेपर्स की आड़ में युवा मादक पदार्थों के सेवन की ओर आकर्षित हो रहे थे।
मुख्य उद्देश्य और भविष्य की रणनीति
* सप्लाई चेन पर वार: पुलिस अब उन नेटवर्क को खंगाल रही है, जहाँ से इन सामग्रियों की अवैध सप्लाई की जा रही है।
* जीरो टॉलरेंस: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है; औचक निरीक्षण का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।
* सख्त कानूनी धाराएं: यदि प्रतिबंध के बाद भी कोई चोरी-छिपे बिक्री करता पाया गया, तो उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की इस मुस्तैदी का एकमात्र उद्देश्य स्कूली बच्चों और युवाओं को नशे की गर्त से बाहर निकालकर एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।




