वेतन विसंगति को लेकर शिक्षक फेडरेशन का आंदोलन, मांगें नहीं मानी गईं तो होगा अनिश्चितकालीन धरना .

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर शनिवार को बिलासपुर के कोन्हेर गार्डन में हजारों की संख्या में शिक्षक एकत्रित हुए और वेतन विसंगति सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लेकर सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया।
जिलाध्यक्ष सुनील पाण्डेय ने कहा कि यह कोई नई मांग नहीं है, बल्कि शिक्षकों का संवैधानिक अधिकार है। चुनाव पूर्व भाजपा द्वारा “मोदी की गारंटी” के तहत वेतन विसंगति दूर करने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार के दो वर्ष पूरे होने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ। इससे प्रदेश के शिक्षक स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी कुर्रे ने वी.एस.के. ऐप के माध्यम से निजी मोबाइल से उपस्थिति की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि यह शिक्षकों की निजता का हनन है। उन्होंने शासन से पृथक उपस्थिति डिवाइस उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदेश सलाहकार रंजीत बनर्जी ने शिक्षकों पर थोपे गए टी.ई.टी. की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई।
प्रांतीय प्रवक्ता चन्द्रप्रकाश तिवारी ने कहा कि सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नत वेतनमान दिया जाए तथा पूर्व सेवा की गणना कर समस्त लाभ प्रदान किए जाएं। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र मांगें पूरी नहीं कीं तो आंदोलन को और उग्र करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
आंदोलन में बड़ी संख्या में शिक्षक, विकासखंड पदाधिकारी एवं फेडरेशन के सदस्यडी.एल. पटेल, विकास कायरवार, रविन्द्र खूँटे, गोविन्द मानिकपुरी, सुधीर मानिकपुरी, अजीत कुजूर, अमलेश पाली, प्रमोद कीर्ति, अवधेश विमल, संतू यादव, राहुल भारद्वाज, संदीप ठाकुर, सुदर्शन साहू, देवेन्द्र साहू, कृष्णा कौशिक, फिरोज मोहम्मद, अनिता चक्रवर्ती, संजय यादव, तामेश्वर सनाढ्य, आशुतोष राजपूत, अनिमेष दीक्षित, नंदकुमार क्षत्री उपस्थित रहे।




