
बिलासपुर। थाना सकरी क्षेत्र अंतर्गत कोटा मेन रोड परसदा में 5 जनवरी 2026 की शाम एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार और लापरवाही से दौड़ रही KTM मोटरसाइकिल ने पैदल जा रही एक महिला और उसकी मासूम बेटी को रौंद दिया। इस हृदयविदारक घटना में मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम परसदा निवासी सोनू लहरे की बहन उर्मीला मनहर (35 वर्ष) अपने पति सुरेंद्र मनहर और 4 वर्षीय बेटी मान्या के साथ दीनदयाल कॉलोनी में एक परिचित के घर से मिलकर शाम करीब 6:30 बजे पैदल घर लौट रही थीं। जैसे ही वे कोटा मेन रोड पर पहुंचीं, सामने से आ रही KTM मोटरसाइकिल क्रमांक OD 01 AS 7268 तेज गति और लहराते हुए आई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उर्मीला ने बाइक चालक को धीमी गति से चलने का इशारा भी किया, लेकिन चालक ने कोई ध्यान नहीं दिया और तेज रफ्तार में मां-बेटी को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भयावह थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं और बेहोश हो गईं। आसपास के लोगों ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल बिलासपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ मां और बेटी की मौत की खबर से परिवार टूट गया और गांव में मातम छा गया।

घटना की रिपोर्ट सोनू लहरे ने थाना सकरी में दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है—लापरवाह चालक भले ही सजा काटकर लौट आए, लेकिन क्या वह मां-बेटी की छीनी हुई जिंदगी वापस लौटा सकता है? तेज रफ्तार और लापरवाही की कीमत अक्सर निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।




