
बिलासपुर। भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने आज किसानों की गंभीर समस्याओं को लेकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं और किसानों को कई स्तरों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिनका त्वरित समाधान जरूरी है।

किसानों ने ज्ञापन में खरीद व्यवस्था और भुगतान से जुड़ी अनियमितताओं को प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि पुष्टिकरण पोर्टल में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण हजारों किसान अभी भी धान बेचने से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि 40,700 और 40,300 पंजीकृत किसानों के ऑनलाइन डेटा में त्रुटियों को जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि खरीदी केंद्रों में सत्यापन बिना बाधा के हो सके। किसानों ने यह भी मांग की कि पारदर्शिता और सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए अनुभवी कर्मचारियों की नियुक्ति अनिवार्य की जाए।

भारतीय किसान संघ ने विगत वर्षों के लंबित बोनस का शीघ्र भुगतान, नियम 25-26 के तहत बढ़े हुए मंड़ई कर का निपटान तथा बारिश, ओलावृष्टि, कीट प्रकोप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई हेतु मुआवजा जारी करने की मांग भी रखी। किसानों का कहना है कि मौसमी विपदाओं का प्रभाव बेहद व्यापक है, लेकिन राहत वितरण में देरी से किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।




