
बिलासपुर। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में 10 जिलों के अधिकारियों ने विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। समीक्षा के दौरान अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और निरस्त योजनाओं को पुनः प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि 102 अनुसूचित जाति बहुल गांवों को चिन्हित किया गया है, जिनके विकास कार्य भारत सरकार एवं राज्य शासन के सहयोग से संचालित होंगे।
प्रमुख सचिव ने जानकारी दी कि बिलासपुर को शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कार्य तेजी से चल रहा है। जरहाभाटा सीपत रोड स्थित एचटी, एससी, ओबीसी वर्ग के लिए नया 270 सीटर बॉयज हॉस्टल लगभग 17 से 18 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। वहीं 300 सीटर का एक और हॉस्टल लगभग 22 करोड़ में बनेगा, जिसमें सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी। गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण भी जारी है, जो अगले दो वर्षों में पूर्ण होने की उम्मीद है।

इसके अलावा यूपीएससी, पीएससी, नीट और मेडिकल की तैयारी करने वाले ट्राइबल एवं ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को दिल्ली में कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। पहले 65 सीटों की सीमा को मुख्यमंत्री ने बढ़ाकर 200 सीट किया है, जिससे अधिक विद्यार्थी उच्च स्तरीय कोचिंग का लाभ ले सकें।

15 नवंबर को वीर सम्राट समुद्र जी के जन्मदिवस पर गौरव दिवस पूरे राज्य में धूमधाम से मनाया जाएगा। भारत सरकार ने इसे हर वर्ष जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों में कार्यक्रम आयोजित होंगे। बिलासपुर में तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं 20 नवंबर को अंबिकापुर में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति प्रस्तावित है।




