
बिलासपुर ।सिम्स (छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) के अस्थि रोग विभाग ने एक बार फिर सफलता का परचम लहराया है। 75 वर्षीय गणेश राम निराला, निवासी नगरीदिह (सक्ती) का हाई रिस्क घुटना प्रत्यारोपण (Total Knee Replacement) 6 नवम्बर को सफलतापूर्वक किया गया।
मरीज को शुगर और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने के बावजूद, डॉ. ए.आर. बेन (विभागाध्यक्ष) और डॉ. तरुण सिंह ठाकुर के नेतृत्व में टीम ने यह जटिल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद मरीज अगले ही दिन अपने पैरों पर चलने लगे और अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
ऑपरेशन टीम में डॉ. रवि महोबिया, डॉ. सोमेश शुक्ला, डॉ. सागर कुमार, सिस्टर सुधा और एनेस्थिसिया विभाग की डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. मिल्टन देव बर्मन व टीम शामिल थी। पोस्ट-ऑपरेटिव दर्द प्रबंधन में एनेस्थिसिया टीम की अहम भूमिका रही।
यह सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क की गई। इम्प्लांट उपलब्ध कराने में अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह का विशेष योगदान रहा।
अब तक सिम्स में आयुष्मान योजना के अंतर्गत 30 कूल्हा और 22 घुटना प्रत्यारोपण निःशुल्क किए जा चुके हैं।
डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा, “हमारा लक्ष्य गरीब मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं देना है।”
वहीं डॉ. लखन सिंह ने कहा, “यह सफलता हमारे चिकित्सकों की समर्पित टीमवर्क और मरीजों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।”




