सिम्स बिलासपुर में चिकित्सा इतिहास रचा: बच्चेदानी से 10 किलो 220 ग्राम का विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया .

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। सिम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग द्वारा 40 वर्षीय महिला मरीज की बच्चेदानी से 10 किलो 220 ग्राम वजन का अत्यंत विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर निकाला गया। चिकित्सकीय जानकारियों के अनुसार, देश के अन्य राज्यों में अब तक लगभग 8 किलो तक के ट्यूमर की सर्जरी की जानकारी मिलती है, जबकि यह छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेट किया गया ट्यूमर माना जा रहा है।

मरीज बिलासपुर की निवासी है, जो पिछले एक वर्ष से अधिक समय से गर्भाशय में गांठ की समस्या से पीड़ित थी। समय के साथ ट्यूमर का आकार अत्यधिक बढ़ गया, जिससे महिला की स्थिति गंभीर हो गई। उसे सांस लेने में दिक्कत, किडनी और लिवर पर असर जैसी जटिल समस्याएं उत्पन्न हो गई थीं। परिजन उसे इलाज के लिए सिम्स लेकर पहुंचे।
प्रारंभिक जांच में डॉ. दीपिका सिंह ने बड़े ट्यूमर की आशंका जताई और विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी को अवगत कराया। आवश्यक जांचों के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने जटिल और उच्च जोखिम वाली सर्जरी का निर्णय लिया।
इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी का नेतृत्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी ने किया। टीम में डॉ. दीपिका सिंह, डॉ. प्रतिभा सिंह, मेल नर्स अश्विनी तथा निश्चेतना विभाग से डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. प्रशांत पैकरा और डॉ. बलदेव नेताम शामिल रहे। ऑपरेशन सफल रहा और फिलहाल मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है।
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने इसे सिम्स की उन्नत चिकित्सा क्षमता, आधुनिक संसाधनों और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।




