बिलासपुर में ‘जल-युद्ध’: फूटा महिलाओं का गुस्सा, मटकी लेकर नगर निगम का घेराव, कांग्रेस का तीखा हमला .

बिलासपुर। भीषण गर्मी के बीच बिलासपुर में बूंद-बूंद पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। जनता प्यासी है और हुक्मरान चैन की नींद सो रहे हैं। इसी सुलगते मुद्दे को लेकर आज शहर कांग्रेस कमेटी ने सड़क पर उतरकर नगर निगम कार्यालय का शंखनाद घेराव किया। कांग्रेस भवन से निकली आक्रोश रैली में जब महिलाएं सिर पर मटके लेकर निकलीं, तो निगम प्रशासन के दावों की कलई खुल गई।
“पानी दो, जवाब दो” और “जो सरकार निकम्मी है, वो सरकार बदलनी है” जैसे तीखे और आक्रामक नारों से बिलासपुर नगर निगम में गूंज उठा। नगर निगम दफ्तर पहुंची महिलाओं ने परिसर में मटके फोड़कर अपना प्रचंड आक्रोश दर्ज कराया।
‘गंदा पानी’ और ‘खोखले वादे’
कांग्रेस का सीधा और तीखा आरोप है कि तथाकथित ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार पूरी तरह फेल साबित हो चुकी है। शहर के अधिकांश वार्डों में या तो नल सूखे पड़े हैं, या फिर नलों से जहर जैसा गंदा और बदबूदार पानी टपक रहा है।
“स्वच्छ पानी जनता का हक है, खैरात नहीं!”
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा ने हाथ में गंदे पानी का सैंपल लहराते हुए कहा कि जनता को बीमारी बांटने वाली इस व्यवस्था के खिलाफ जंग जारी रहेगी।
तालमेल की कमी, भुगत रही जनता
पूर्व विधायक शैलेश पांडे और पूर्व महापौर प्रत्याशी प्रमोद नायक ने सत्तासीन नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और अफसरों के बीच आपसी खींचतान का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिलासपुर की प्यास बुझाने के लिए तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थानीय आक्रोश आने वाले दिनों में प्रदेश व्यापी उग्र आंदोलन का रूप अख्तियार कर लेगा।




