
बिलासपुर। भारतीय मूलनिवासी ईसाई समुदाय ने दिसंबर माह में मनाए जाने वाले क्रिसमस पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा धार्मिक स्वतंत्रता बनाए रखने की मांग को लेकर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में समुदाय ने बताया कि क्रिसमस का पर्व हर वर्ष शांतिपूर्ण ढंग से चर्च परिसरों, निजी आवासों और अन्य स्थानों पर प्रार्थना, भजन-कीर्तन, बाइबल पठन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाता है। इन आयोजनों में सभी धर्मों के लोग शामिल होते हैं जिससे सद्भाव और भाईचारे का वातावरण बने रहता है।
समुदाय ने आरोप लगाया कि विगत कुछ वर्षों से कुछ असामाजिक तत्व तथा कुछ संगठनों से जुड़े लोग धार्मिक आयोजनों में व्यवधान डालने, धर्मांतरण के झूठे आरोप लगाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करते रहे हैं। कई मामलों में इनके दबाव में निर्दोष ईसाई नागरिकों पर बिना तथ्य जांच के एफआईआर दर्ज की गई, जिससे उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा एवं भारत मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि क्रिसमस से संबंधित सभी प्रार्थना-आराधना और धार्मिक कार्यक्रमों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए जो धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने या कार्यक्रमों में बाधा डालने का प्रयास करते हैं। समुदाय ने अनुरोध किया कि क्रिसमस के दिन ईसाई समुदाय से जुड़े शासकीय कर्मचारियों-अधिकारियों को अनावश्यक रूप से ड्यूटी में न लगाया जाए।
प्रतिनिधियों ने आशा व्यक्त की कि प्रशासन के सहयोग से सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहेगा और मूलनिवासी ईसाई नागरिक बिना किसी भय के अपने संवैधानिक अधिकारों के साथ पर्व मना सकेंगे।




