
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ और समर्थन मूल्य धान खरीदी ऑपरेटर संघ ने ऐन खरीदी शुरू होने से पहले अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान कर सरकार की मुसीबत खड़ी कर दी है। शुक्रवार को दोनों संगठनों ने कलेक्टर के नाम अतिरिक्त कलेक्टर शिव कुमार बेनर्जी को ज्ञापन सौंप मांगे पूरी न होने पर आगामी धान खरीदी के बहिष्कार का ऐलान किया है।इन आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि वे लोग पहले भी आंदोलन कर शासन-प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत करा चुके है लेकिन उनकी मांगे अब तक पूरी नहीं की गईं।
ये है मांगे
0 समितियों को परिवहन और सुखत की संपूर्ण राशि के साथ शॉर्टेज प्रोत्साहन और अन्य व्यय प्रदान किया जाए।
0आउटसोर्सिंग नीति को समाप्त कर उनका नियमितीकरण करने।
0 समितियों को एमपी की तर्ज पर प्रति वर्ष तीन लाख रुपए प्रबंधकीय अनुदान देने,
0 भविष्य निधि, महंगाई भत्ता और ईएसआईसी सुविधा लागू करने की मांग की।
संघ ने बताया कि अब चरणबद्व आंदोलन किया जाएगा जिसके तहत 24 अक्टूबर को जिला स्तरीय रैली और ज्ञापन, 28 अक्टूबर को प्रदेश स्तरीय महा हुंकार रैली और 3 से 11 नवंबर तक संभाग स्तर पर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा । संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगे नहीं मानी गईं तो आगामी धान खरीदी का कर्मचारी और ऑपरेटर संघ बहिष्कार करेंगा।




