लाठीचार्ज और FIR भी बेअसर: खाद-डीजल संकट पर बिलासपुर में कांग्रेस का महा-आक्रोश, बैलगाड़ी से घेरा कलेक्टोरेट .

बिलासपुर:बिलासपुर की सियासत में इस वक्त बारूद जैसी गर्मी है। केंद्रीय राज्यमंत्री के बंगले के घेराव के दौरान हुए बर्बर लाठीचार्ज और एनएसयूआई नेताओं पर दर्ज एफआईआर भी कांग्रेस के हौसलों को डिगा नहीं पाई है। पानी के संकट के बाद अब खाद, बीज और डीजल की किल्लत को लेकर कांग्रेस ने सीधे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
लगातार दूसरे दिन सड़कों पर उतरे आक्रोशित कांग्रेसी और किसान आज अनोखे अंदाज में *बैलगाड़ी लेकर सीधे कलेक्टोरेट* जा पहुंचे। इस हैरतअंगेज नजारे ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण और किसान कांग्रेस के संयुक्त बैनर तले हुए इस ‘हल्ला बोल’ ने कलेक्टोरेट परिसर को हिलाकर रख दिया।
ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने सरकार के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए कहा, *”खरीफ सीजन सिर पर है, लेकिन अन्नदाता खाद-बीज के लिए दर-दर भटक रहा है। डीजल की भारी किल्लत ने खेती-किसानी के चक्के जाम कर दिए हैं। सरकार सिर्फ हवा-हवाई दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत में किसान खून के आंसू रो रहा है।”
प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन को एक सख्त ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने सीधे शब्दों में सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि पखवाड़े भर के भीतर खाद, बीज और डीजल की सुचारू व्यवस्था नहीं हुई, तो पूरा जिला उग्र आंदोलन की आग में झुलसेगा। लाठी-गोली की परवाह किए बिना कांग्रेस के इस तेवर ने साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाली नहीं है। अब गेंद सरकार के पाले में है कि वह रमन की इस धरती पर किसानों को राहत देती है या आंदोलन की इस चिंगारी को शोला बनने देती है!




