बिलासपुर की लाइफलाइन ‘अरपा’ पर विकास की नई उड़ान, क्या तय समय पर पूरा होगा हाईटेक ब्रिज का सपना .

बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में अरपा नदी पर बन रहा नया हाईटेक ब्रिज अब तेजी से आकार लेने लगा है। शनिचरी बाजार से चांटीडीह को जोड़ने वाला यह बहुप्रतीक्षित पुल आने वाले समय में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा। करीब ₹10 करोड़ 57 लाख की भारी-भरकम लागत से बन रहे इस आधुनिक ब्रिज के 15 में से 7 पिल्लरों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बाकी पर काम युद्ध स्तर पर जारी है। विभाग ने इसे मार्च 2027 तक मुकम्मल करने का दावा किया है।
जाम से मुक्ति की उम्मीद, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं
300 मीटर से अधिक लंबे और 8 मीटर चौड़े इस मजबूत ब्रिज के बनते ही शनिचरी और चांटीडीह के बीच का सफर बेहद आसान, तेज और जाम-मुक्त हो जाएगा। वर्षों से ट्रैफिक की मार झेल रहे स्थानीय निवासियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
हालांकि, इस चमचमाते प्रोजेक्ट के सामने चुनौतियां भी मुंह बाए खड़ी हैं:
* जलभराव का संकट: पचरीघाट बैराज के गेट बंद होते ही अरपा नदी जलमग्न हो जाएगी, जिससे नदी के बीच चल रहे काम की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
* मानसून का ब्रेक: आगामी बारिश के मौसम में निर्माण कार्यों पर लगने वाली रोक भी चिंता बढ़ा रही है। अधूरे प्रोजेक्ट्स के बीच जनता के मन में संशय
इस नए पुल को लेकर शहर की सियासत और गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुए शिवघाट और पश्चिमी घाट बैराज जैसे करोड़ों के प्रोजेक्ट आज तक अधूरे पड़े हैं। ऐसे में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है कि क्या यह हाईटेक ब्रिज वक्त पर तैयार होगा या फिर पिछली योजनाओं की तरह फाइलों में ही सिमट कर रह जाएगा?
अधिकारियों का दावा: सेतु निगम और जल संसाधन विभाग का कहना है कि बेहतर आपसी समन्वय के जरिए तमाम बाधाओं को दूर कर काम को समय सीमा के भीतर ही पूरा कर लिया जाएगा। अब देखना होगा कि अरपा के ऊपर दौड़ती विकास की यह रफ्तार बिलासपुर की तस्वीर सच में बदल पाती है या नहीं।




