अंधेरे में बहतराई: वार्ड 49 में बिजली विभाग की लापरवाही, आक्रोश में मोहल्लेवासी..

बिलासपुर: बी.आर. यादव नगर (वार्ड नंबर 49) के बहतराई स्थित नाग-नागिन तालाब मोहल्ले में बिजली की बदहाल व्यवस्था ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले कई दिनों से जारी अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से स्थानीय निवासी अब दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।
दैनिक भूमि न्यूज से हुआ उजागर
लापरवाही का आलम: 4 दिन बाद बना तार, फिर गुल हुई बिजली .
मोहल्ले वासियों के अनुसार, बीते शनिवार को तार टूटने के बाद बड़ी मुश्किल से चार दिनों में मरम्मत हुई थी। लेकिन समस्या वहीं खत्म नहीं हुई; बुधवार रात से गुरुवार दोपहर तक और फिर शुक्रवार सुबह 5 बजे से अब तक बिजली नदारद है। बिना हवा-तूफान के बार-बार लाइट का गोल होना और वोल्टेज का उतार-चढ़ाव बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
गंभीर आरोप: ‘चंदा’ लेकर काम और ड्यूटी पर नशाखोरी
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि:
मरम्मत के नाम पर गरीब मोहल्ले वासियों से 10-20 रुपये चंदा और कर्मचारियों को 100-200 रुपये ‘खर्चा-पानी‘ देना पड़ता है।
शिकायत लेकर सब स्टेशन जाने पर कर्मचारी शाम 4 बजे से ही नशे में धुत होकर कूलर की ठंडा हवा खाते मिलते हैं।
अधिकारी स्टाफ की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जबकि कर्मचारी “आ रहा हूँ” कहकर फोन बंद कर देते हैं।
सांप-बिच्छू और जान का खतरा
अंधेरे के कारण मोहल्ले में सांप-बिच्छू का डर बना रहता है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना दूभर हो गया है। जर्जर तारों के गिरने से कभी भी कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने से मोहल्लेवासियों में गहरा रोष है और उन्होंने जल्द समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
अधिकारी ने दी जानकारी
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में बार-बार हो रही बिजली समस्या का मुख्य कारण ब्रेकडाउन, ओवरलोड, खराब मौसम, तेज हवा-तूफान और स्टाफ की कमी है। इन परिस्थितियों के चलते सुधार कार्य में देरी हो रही है, हालांकि समस्या के समाधान के प्रयास लगातार जारी हैं।




