
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र में कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज के विवादित बयान को लेकर शुरू हुआ मामला लगातार बढ़ता गया। सतनामी समाज ने कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार और शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किए। वीडियो वायरल होने के बाद समाज ने तखतपुर थाने का घेराव कर कथावाचक के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने आशुतोष चैतन्य के खिलाफ धारा 353(2) के तहत अपराध दर्ज किया और वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।
विवाद तीव्र होने पर कथावाचक ने एक वीडियो जारी कर माफी मांगी और कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं था। शनिवार, 15 नवंबर को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था ।
इधर, 17 नवंबर को न्यायालय ने आशुतोष चैतन्य को जमानत दे दी। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे सभी पेशियों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। साथ ही किसी भी कथा, प्रवचन या सार्वजनिक कार्यक्रम में किसी धर्म, जाति या समाज के प्रति टिप्पणी करने से पूरी तरह परहेज़ करें। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि निर्देशों का उल्लंघन होता है तो जमानत निरस्त की जा सकती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।




