
बिलासपुर । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर/ग्रामीण) ने रविवार को नेहरू चौक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन कर उग्र विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले कांग्रेसजन कांग्रेस भवन में एकत्र हुए और “मुख्यमंत्री मुर्दाबाद”, “रजिस्ट्री की नई गाइडलाइन वापस लो”, “5 डिसमिल जमीन की बिक्री बंदी खत्म करो” जैसे नारों के साथ जुलूस के रूप में नेहरू चौक पहुंचे। जुलूस के पीछे पुलिस बल भी तैनात था, लेकिन चौक पहुंचते ही प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। कार्यकर्ताओं ने पहले ही पुतले को आग लगा दी।

आग लगते ही पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं से झूमाझटकी हो गई। अफरा-तफरी के बीच दूसरा पुतला भी जला दिया गया। पानी खत्म होने से पुलिस कुछ देर तक स्थिति संभालने में असहाय दिखी।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार ने रजिस्ट्री गाइडलाइन में 100% से अधिक वृद्धि कर मध्यम वर्ग के सपनों को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि महंगाई-बेरोजगारी की मार झेल रही जनता के लिए घर बनाना मुश्किल हो गया है। नई गाइडलाइन से रजिस्ट्री लगभग ठप है, जिससे भविष्य में राजस्व नुकसान भी होगा। कांग्रेस ने इस “अव्यवहारिक निर्णय को तत्काल वापस लेने” की मांग की।

ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि 5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री बंद कर गरीबों पर सीधा हमला किया गया है। इससे छोटे भू-खंड रखने वाले लोग बेच या निर्माण नहीं कर सकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीबों के मकानों को अवैध बताकर बुलडोज़र चला रही है और उद्योगपतियों के हित में फैसले ले रही है।
प्रदर्शन में पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी, विजय पांण्डेय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए।




