छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ का धान खरीदी बहिष्कार का ऐलान, चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ (पंजीयन क्रमांक 6685) एवं समर्थन मूल्य धान खरीदी आपरेटर संघ (पंजीयन क्रमांक 122202149760) ने अपनी चार सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आगामी धान खरीदी सीजन का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
महासंघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित संबंधित विभागों को ज्ञापन भेजते हुए कहा है कि शासन की लापरवाही से प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों के 15,000 से अधिक कर्मचारी आर्थिक संकट में हैं।
संघ की प्रमुख मांगें —
- धान खरीदी के दौरान समिति को मिलने वाले सुखत, कमीशन एवं सुरक्षा व्यय में बढ़ोतरी, साथ ही समय पर भुगतान की गारंटी।
- कंप्यूटर आपरेटरों की आउटसोर्सिंग नीति समाप्त कर नियमितिकरण की व्यवस्था।
- प्रत्येक समिति को वार्षिक ₹3 लाख प्रबंधकीय अनुदान (मध्यप्रदेश की तर्ज पर) प्रदान किया जाए।
- कांडे कमेटी की रिपोर्ट लागू कर समिति कर्मचारियों को भविष्य निधि, महंगाई भत्ता, ईएसआईसी, बोनस अंक एवं बैंक भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाए।
आंदोलन की रूपरेखा —
24 अक्टूबर: सभी जिलों में रैली व ज्ञापन सौंपा गया।
28 अक्टूबर: रायपुर में एक दिवसीय “प्रदेश स्तरीय महा हुंकार रैली” का आयोजन।
3 से 11 नवम्बर: संभागीय स्तर पर अनिश्चितकालीन धरना।
12 नवम्बर से: शासन द्वारा मांगें पूरी न होने पर राज्यव्यापी धान खरीदी बहिष्कार।
संघ के प्रदेश महासचिव ईश्वर श्रीवास ने कहा कि “18 वर्षों से लगातार सेवा दे रहे संविदा कर्मचारी आज भी असुरक्षित हैं। यदि शासन ने अब भी ध्यान नहीं दिया तो इस बार किसान और समिति कर्मचारी दोनों सड़कों पर उतरेंगे।”
संघ ने मुख्यमंत्री से केबिनेट बैठक में निर्णय लेकर लंबित मांगों की तत्काल स्वीकृति की अपील की है।




