उसलापुर रेलवे स्टेशन: जनता से टैक्स वसूलने में आगे, बुनियादी सुविधाएं देने में लापरवाही …

बिलासपुर (उसलापुर):रेलवे प्रशासन यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। उसलापुर रेलवे स्टेशन के प्रबंधक और रेल अधिकारियों की घोर लापरवाही का एक ऐसा ही शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने रेलवे के ‘अमृत काल’ के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
स्टेशन के वेटिंग हॉल में ट्रेन का इंतजार करने वाले मुसाफिर इन दिनों लैट्रिन-बाथरूम जैसी बुनियादी जरूरत के लिए तरस रहे हैं। वायरल फोटो और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने संवेदनहीनता की हद पार करते हुए महिला एवं पुरुष बाथरूम के दरवाजे पर ताला जड़ दिया है।

टैक्स पूरा, सुविधा अधूरी
स्टेशन पर मौजूद आक्रोशित नागरिकों का कहना है कि वे रेलवे को टिकट के साथ-साथ हर चीज पर भारी-भरकम टैक्स दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें शौच और पानी जैसी प्राथमिक सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। जनता का सीधा सवाल है—”जब शासन-प्रशासन हमसे हर बात का टैक्स वसूल रहा है, तो सुविधाओं के नाम पर यह कंगाली क्यों?” हालात इतने बदतर हैं कि यात्रियों को अब एक-दूसरे को चेतावनी देनी पड़ रही है कि अगर उसलापुर स्टेशन जा रहे हो, तो घर से ही बाथरूम होकर निकलो!

अधूरे शेड और सोता हुआ प्रशासन
लापरवाही सिर्फ बाथरूम तक सीमित नहीं है। स्टेशन पर यात्रियों को धूप और बारिश से बचाने के लिए शेड लगाने का काम शुरू तो किया गया था, लेकिन वह भी महीनों से अधूरा पड़ा है। कड़कती धूप और बारिश में आम जनता खुले आसमान के नीचे परेशान हो रही है।
इस बदइंतजामी पर रेल अधिकारियों ने पूरी तरह से आंखें मूंद रखी हैं। अब देखना यह है कि इस गंभीर लापरवाही पर उच्च अधिकारियों की नींद टूटती है या जनता ऐसे ही सिस्टम के आगे बेबस बनी रहेगी।




