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बिलासपुर में सीजीपीएससी और पुलिस अभ्यर्थियों की आक्रोश महारैली, सरकार के खिलाफ तीखा प्रदर्शन …

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में रोजगार और पारदर्शी चयन प्रक्रियाओं को लेकर युवाओं का सब्र आखिरकार जवाब दे गया है। पुलिस भर्ती के 1600 रिक्त पदों को तुरंत भरने और अभ्यर्थियों पर दर्ज झूठी एफआईआर वापस लेने की मांग को लेकर आज बिलासपुर में उग्र आक्रोश महारैली निकाली गई। राज्यभर के विभिन्न जिलों से जुटे हजारों की संख्या में अभ्यर्थी हाथों में काले झंडे और तख्तियां लेकर गांधी चौक से नेहरू चौक के लिए सड़क पर उतरे। सरकार की वादाखिलाफी से आहत युवाओं ने नेहरू चौक पहुंचकर अनोखा और तीखा विरोध प्रदर्शन करते हुए हवन किया। इस दौरान कुछ छात्रों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप-मुख्यमंत्री के मुखौटे पहनकर प्रतीकात्मक आहुति दी और ‘सीएम साय स्वाहा’ व ‘डिप्टी सीएम स्वाहा’ के गूंजते नारों के साथ सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया।
गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य चौराहों तक गूंज रहे नारों—”लबरा है साय सरकार, इस्तीफा दो” और “एक कचौरी दो समोसा, साय सरकार का क्या भरोसा”—ने साफ कर दिया कि युवाओं का गुस्सा अब सहनशक्ति की सीमा पार कर चुका है।
छात्रों की प्रमुख मांगें:
* छत्तीसगढ़ पुलिस के 1600 रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए।
* आंदोलनरत अभ्यर्थियों के विरुद्ध दर्ज की गई तमाम पुलिस एफआईआर बिना शर्त वापस ली जाएं।
* 5967 पदों में पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों का नाम दोबारा चयन सूची में शामिल न किया जाए।
* चयनित उम्मीदवारों के पोस्टिंग और ज्वाइनिंग स्थानों की एक पारदर्शी सूची सार्वजनिक की जाए।
अपने माता-पिता का नाम रोशन करने और गर्व का पल देने का सपना देखने वाले ये युवा आज बेरोजगारी और प्रशासनिक तानाशाही के चलते जीने को मजबूर हो चुके हैं। यदि सरकार ने जल्द ही इन जायज मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आक्रोश पूरे प्रदेश में और अधिक भयानक रूप ले सकता है।

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