छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त हिदायत: थानों में 18 महीने तक सुरक्षित रहे CCTV फुटेज ..

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस थानों में CCTV कैमरों के रखरखाव और फुटेज की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि थानों में सिर्फ कैमरे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें हर समय चालू रखना और 18 महीने तक उनकी फुटेज को सुरक्षित रखना अनिवार्य है।
यह मामला गौरेला थाने के सितंबर 2024 के एक एनडीपीएस (NDPS) केस से जुड़ा है। मामले के आरोपियों ने निर्दोष साबित करने के लिए घटना के दिन की CCTV फुटेज और मोबाइल CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) की मांग की थी। इस पर पुलिस ने कोर्ट में तर्क दिया कि 18 महीने की अवधि बीत जाने के कारण फुटेज सिस्टम से स्वतः डिलीट हो चुकी है।
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए पुलिस की इस दलील पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही के कारण महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नष्ट नहीं होने चाहिए। कोर्ट ने शासन को निर्देश दिए कि सभी थानों में पर्याप्त स्टोरेज क्षमता, निर्बाध पावर बैकअप और नियमित निगरानी की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए।
वर्तमान में प्रदेश के 550 पुलिस थानों में आधुनिक CCTV कैमरे लगाने के लिए लगभग 102 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को सुप्रीम कोर्ट के परमवीर सिंह सैनी बनाम भारत सरकार मामले में दिए गए ऐतिहासिक दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने का अंतिम निर्देश दिया है।




