जैतपुरी गौधाम में दर्जनों गोवंश की मौत, बदहाली देख बिफरे गौसेवक; उच्च स्तरीय जांच की मांग …

बिलासपुर (मस्तूरी): बिलासपुर जिले के मस्तूरी स्थित सरकारी जैतपुरी गौधाम में गोवंश की लगातार हो रही मौतों से हड़कंप मच गया है। गौसेवकों ने गौशाला प्रबंधन और विभागीय अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्षमता से अधिक मवेशी और चारे का संकट
गौसेवकों का दावा है कि बिलासपुर नगर निगम द्वारा लगातार सड़कों से मवेशियों को पकड़कर जैतपुरी गौधाम भेजा जा रहा है। क्षमता से अधिक गोवंश रखे जाने के कारण वहां अव्यवस्था फैल गई है। मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा, पानी और इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे रोजाना गोवंश दम तोड़ रहे हैं।
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
गौसेवक विपुल शर्मा ने आरोप लगाया कि पशुपालन विभाग और नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह बेखबर हैं। निरीक्षण के दौरान गौशाला में कई गोवंश अत्यंत गंभीर हालत में मिले, जिन्हें तत्काल बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर स्थित गौ सेवा धाम भेजा गया है। गौसेवकों का कहना है कि बजट और संसाधनों के बावजूद मवेशी तिल-तिल कर मरने को मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
मामले की गंभीरता को देखते हुए गौसेवकों ने मुख्यमंत्री और पशुपालन मंत्री से तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि:
* मवेशियों की मौत के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
* गौशाला की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए।
* सरकारी गौधाम के संचालन की जिम्मेदारी किसी अनुभवी और सेवाभावी संस्था को सौंपी जाए।
इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और पशुपालन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।




