
बिलासपुर : रतनपुर पुलिस ने चलती बस में मुसाफिरों को शिकार बनाने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में 7 महिलाओं और 2 पुरुषों समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पहले भी चोरी, उठाईगिरी और झपटमारी के मामलों में जेल जा चुका है।
मामला कोरबा जिले के बांकीमोंगरा निवासी प्रार्थी भगवान राम प्रधान से जुड़ा है। 2 अगस्त को वह अपनी पत्नी गीता प्रधान के साथ बिलासपुर से बस द्वारा घर लौट रहे थे। बस में भारी भीड़ होने के कारण दोनों खड़े थे। बिलासपुर के महामाया चौक पर कुछ संदिग्ध महिलाएं बस में सवार हुईं और भीड़ का फायदा उठाकर गीता प्रधान से धक्का-मुक्की करने लगीं। शनिश्चरी चौक रतनपुर के पास जब वे महिलाएं बस से उतरीं और बस खाली हुई, तो महिला ने देखा कि उसके गले से सोने की चेन गायब थी।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर रतनपुर पुलिस ने महामाया चौक और शनिश्चरी चौक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर संदेहियों की पहचान कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र अंतर्गत कोनकोना (ठिहईभाठा) निवासी के रूप में हुई।
पुलिस टीम ने कोनकोना में घेराबंदी कर 7 महिलाओं—अंजली गिरी (25 वर्ष), लोहारिन बाई (50 वर्ष), सुनीता गिरी (30 वर्ष), रामबाई (40 वर्ष), प्रिती गिरी (30 वर्ष), शिवानी (20 वर्ष), देवी गिरी (20 वर्ष) तथा 2 पुरुषों—नरेश गिरी (35 वर्ष) व राम गिरी (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने चोरी की चेन को अपने गिरोह की साथी सुरतनी गिरी को 20,000 रुपये में बेचा था, जिसमें से 12,000 रुपये खर्च हो चुके थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8,000 रुपये नकद जब्त कर सभी 9 आरोपियों को संगठित अपराध की धाराओं के तहत न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।




