आम जनता पर जुर्माना, सरकारी तंत्र बेपरवाह: बिना नंबर प्लेट दौड़ती स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस …

बिलासपुर / स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सड़क पर चलने वाले हर वाहन के लिए नंबर प्लेट अनिवार्य है और बिना इसके वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। लेकिन जब नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी उठाने वाले सरकारी तंत्र में ही अनदेखी होने लगे, तो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है।
ऐसा ही एक मामला स्वास्थ्य विभाग से सामने आया है, जहाँ सीएचएमओ कार्यालय परिसर में खड़ी एंबुलेंस और बोलेरो गाड़ियां पिछले लगभग चार वर्षों से बिना नंबर प्लेट के ही सड़कों पर दौड़ रही हैं।
बिना नंबर प्लेट के दौड़ते ये सरकारी वाहन न केवल खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि किसी दुर्घटना या आपराधिक घटना की स्थिति में इनकी पहचान करना भी बेहद मुश्किल हो जाता है। आम जनता पर मामूली नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना ठोकने वाला प्रशासन, खुद के विभागों की इस गंभीर लापरवाही पर अब तक आंखें मूंदे बैठा है।
सीएचएमओ का पक्ष:
इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचएमओ) से बात की गई, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वाहनों के नंबर आवंटन की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी सरकारी वाहनों पर नंबर प्लेट लगवा दी जाएगी।
हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि ‘नंबर आवंटन’ की यह प्रक्रिया आखिर 4 सालों से क्यों अटकी हुई थी? अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग अपने ही वाहनों पर नियमों का पालन कब तक सुनिश्चित करता है या फिर प्रशासनिक ढिलाई का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।




