ASI के बेटे आयुष यादव समेत युवकों ने नाबालिग को धमकाकर ऐंठे 14.5 लाख रुपये और 450 ग्राम सोना, मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई अपराध …

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र में भयादोहन और ब्लैकमेलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के बेटे और उसके साथियों ने कक्षा 12वीं की एक छात्रा को परिजनों की हत्या की धमकी देकर 14.5 लाख रुपये नकद और 450 ग्राम सोने के जेवर ऐंठ लिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आयुष यादव समेत उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी आयुष यादव का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं।
क्या है पूरा मामला?
सरकंडा निवासी 77 वर्षीय सेवानिवृत्त एसईसीएल (SECL) कर्मचारी देवी प्रसाद सिंह ने मामले की शिकायत दर्ज कराई है। बुजुर्ग होने और शारीरिक लाचारी के कारण उन्होंने अपने बैंक और घर के कामों की जिम्मेदारी अपनी नतिन (पीड़िता) को सौंप रखी थी। इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए जनवरी 2025 से मुख्य आरोपी आयुष यादव (ASI का बेटा) और उसके साथी प्रिंस साहू, आदर्श शर्मा तथा प्रियम शर्मा ने छात्रा को डराना-धमकाना शुरू किया।
धमकाकर खाली कराए बैंक खाते और गहने
आरोपियों ने छात्रा को उसके परिजनों को चाकू मारने और हत्या करने की धमकी दी। इस खौफ के कारण छात्रा ने दादा-दादी के बैंक खातों से एटीएम और फोन-पे (PhonePe) के जरिए किस्तों में कुल 14.5 लाख रुपये निकालकर आरोपियों को सौंप दिए। जब खाते पूरी तरह खाली हो गए, तो आरोपियों ने एक्सीडेंट कराने की धमकी देकर घर में रखे करीब 450 ग्राम सोने के आभूषण (हार, चूड़ियां, अंगूठियां) भी मंगवा लिए।
पुलिस की सख्त कार्रवाई, मुख्य आरोपी आदतन अपराधी
क्षेत्र में युवकों द्वारा अचानक बड़ी रकम खर्च करने की भनक लगते ही सरकंडा पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जाँच के दौरान यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी आयुष यादव के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सरकंडा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5), 296, 351(3) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
