
बिलासपुर। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत जुनवानी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। पात्र हितग्राहियों को मिलने वाली पहली किस्त की राशि गलत बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई, जिसके कारण योग्य परिवार अब तक अपने आवास का निर्माण शुरू नहीं कर पाए हैं। स्थानीय स्तर से लेकर जिला कार्यालय तक कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी पीड़ितों को राशि वापस नहीं मिल सकी है।
मंगलवार को जुनवानी निवासी रामकिशुन रजक कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी दी। उनके अनुसार उनके दोनों पुत्रों—मनोज और दिनेश—को योजना के तहत 40-40 हजार रुपए की पहली किस्त स्वीकृत हुई थी। लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण यह रकम किसी अन्य हमनाम व्यक्तियों के खातों में भेज दी गई। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के खातों में पैसा गया है, उनके पिता के नाम भी अलग हैं, इसके बावजूद भुगतान प्रक्रिया में ऐसी बड़ी गलती हो गई।
पीड़ित परिवार का कहना है कि पहली किस्त न मिलने से उनका आवास निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार गलत ट्रांसफर के कारण और परेशानी में आ गया है। रामकिशुन रजक ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराते हुए पात्र हितग्राहियों की राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वे योजना के अनुसार मकान निर्माण शुरू कर सकें।

ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों की लापरवाही पर नाराज़गी जताई है और जल्द कार्रवाई की उम्मीद की है।
एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान
शिकायतकर्ताओं के अनुसार राशि गलत खाते में ट्रांसफर होने के बाद इसे वापस लौटाया जाना आवश्यक है। यदि संबंधित व्यक्ति पैसा वापस नहीं करते, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का भी प्रावधान है। इसके बावजूद अब तक विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है।




