
बिलासपुर। जनपद पंचायत मस्तूरी के सरपंच संघ ने 15वें वित्त आयोग की लंबित राशि और अन्य प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। इस संबंध में सरपंच संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि नई पंचायत संरचना बने नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पंचायतों को 15वें वित्त की राशि प्रदान नहीं की गई है। राशि जारी न होने से ग्राम पंचायतों में बुनियादी सुविधाओं, जनहित योजनाओं और विकास गतिविधियों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
संगठन ने बताया कि सरपंच जनता के बीच बड़े उत्साह और विकास के संकल्प के साथ चुने गए थे, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में पंचायतों की स्थिति निराशाजनक होती जा रही है। पंचायतें अपने क्षेत्र की सामान्य समस्याओं तक का समाधान नहीं कर पा रही हैं, जिससे विकास कार्य लगभग ठप पड़ गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि वित्तीय मद शीघ्र जारी नहीं किए गए, तो सरपंच बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे और इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं—
1. 15वें वित्त आयोग की लंबित राशि का तत्काल वितरण।
2. पंचों का मानदेय 2500 रुपये और सरपंचों का मानदेय 10,000 रुपये किया जाए।
3. पंचायतों को पुराने नियमों के अनुसार 50 लाख तक के कार्यों की एजेंसी का अधिकार पुनः प्रदान किया जाए, ताकि वे स्वतंत्र रूप से विकास कार्य कर सकें।

इन मांगों के समर्थन में सरपंच संघ ने 11 दिसंबर 2025 को सुबह 10 बजे जनपद पंचायत मस्तूरी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण एक दिवसीय धरना देने की घोषणा की है। संघ ने उम्मीद जताई है कि शासन-प्रशासन स्थिति की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।




