
बिलासपुर। पुलिस, आर्मी, फायरमैन, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसआई, एनडीए सहित विभिन्न सुरक्षा सेवाओं में भर्ती की तैयारी करने वाले बिलासपुर क्षेत्र के हजारों युवा गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। राजारघुराज सिंह स्टेडियम पिछले 13 महीनों से बंद है, जिसके चलते युवाओं की शारीरिक तैयारी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की है, जिसमें स्टेडियम को शीघ्र खोलने और नियमित अभ्यास के लिए उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

युवाओं का कहना है कि वे साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं, जहां माता-पिता मेहनत-मजदूरी कर बच्चों के सपनों को संवारते हैं। स्टेडियम लंबे समय से शारीरिक अभ्यास का मुख्य केंद्र रहा है, जहां रोजाना दौड़, लॉन्ग-जंप, हाई-जंप, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सहित भर्ती परीक्षाओं के मानकों के अनुरूप अभ्यास किया जाता था। लेकिन 13 माह से बंद रहने के कारण युवा अब सड़क पर दौड़ने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। पुलिस ग्राउंड भी अक्सर बुक रहता है, और उसकी कठोर ज़मीन पर अभ्यास करने से पैरों में चोट की समस्या बढ़ गई है।
युवाओं ने कहा कि निजी जिम या रनिंग ट्रैक उनके बस की बात नहीं। ऐसे में स्टेडियम ही उनकी तैयारी और भविष्य की नींव है। उन्होंने प्रशासन से स्टेडियम को सुबह-शाम खोलने, ट्रैक, हाई-जंप/लॉन्ग-जंप पिट, फिटनेस ज़ोन और प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएँ बहाल करने तथा भर्ती अभ्यर्थियों के लिए अलग सुरक्षित स्लॉट निर्धारित करने की मांग उठाई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह सिर्फ एक आवेदन नहीं, बल्कि उनके भविष्य की पुकार है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन और खेल विभाग जल्द ठोस कदम उठाएगा ताकि युवा फिर से नियमित अभ्यास कर सकें और आगामी भर्ती परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।




