क्राइमछत्तीसगढ़बिलासपुर

मस्तुरी शूटआउट केस में बिलासपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक नौ की गिरफ्तारी .

मस्तुरी शूटआउट प्रकरण की विवेचना में पुलिस को मिली बड़ी सफलता। षड्यंत्र में शामिल दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अब तक कुल नौ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में गठित टीम ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को पकड़ा था।

आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई में आरोपियों ने षड्यंत्र रचकर घटना को अंजाम दिया था। पूर्व में घटना में प्रयुक्त दो देशी पिस्टल और एक देशी कट्टा जब्त किए जा चुके हैं। वहीं आज आरोपी अरमान उर्फ बलमजीत अनंत और चाहत उर्फ विक्रमजीत की निशानदेही पर एक देशी पिस्टल, एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

शहर के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों और षड्यंत्र में शामिल अपराधियों की पहचान की। अन्य संदिग्धों को भी चिन्हांकित किया गया है।

थाना – मस्तुरी, जिला – बिलासपुर (छ.ग.)
अपराध क्रमांक – 736/25, धारा – 109, 3(5), 61(2) बी.एन.एस., 25, 27 आर्म्स एक्ट

आज गिरफ्तार आरोपी:

  1. देवेश सुमन उर्फ निक्कु सुमन (24 वर्ष), निवासी ग्राम मोहतरा, थाना मस्तुरी।
  2. अकबर खान (53 वर्ष), निवासी शिव विहार मोपका चौक, थाना सरकंडा।

पूर्व में गिरफ्तार आरोपी (7):
विश्वजीत अनंत, अरमान उर्फ बलमजीत अनंत, चाहत उर्फ विक्रमजीत, मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ नफीस, मोहम्मद मतीन उर्फ मॉन्टू, ब्रायनजीत उर्फ आरजू एवं एक विधि से संघर्षरत किशोर।

अब तक जब्त सामग्री:
3 देशी पिस्टल, 2 देशी कट्टा, 6 मैगजीन, 5 जिंदा कारतूस, 13 खाली खोखे और 5 मोबाइल फोन।

घटना की पृष्ठभूमि:
मस्तुरी के नितेश सिंह और आरोपी विश्वजीत अनंत के बीच भूमि विवाद एवं राजनीतिक वर्चस्व को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। 28 अक्टूबर को आरोपी पक्ष ने षड्यंत्रपूर्वक जनपद कार्यालय के सामने नितेश सिंह और उसके साथियों पर फायरिंग की, जिसमें राजू सिंह और चंद्रभान सिंह घायल हुए।

जांच में मिली अहम जानकारी:
गिरफ्तार आरोपियों के निशानदेही पर अतिरिक्त हथियार बरामद हुए। शहर के विभिन्न होटल, ढाबों और सीसीटीवी फुटेज से मिले साक्ष्य के आधार पर आरोपी अकबर खान और देवेश सुमन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

पुलिस का दावा:
सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। चूंकि आरोपियों के विरुद्ध पहले से भी गंभीर अपराध दर्ज हैं, इसलिए प्रकरण में धारा 111 बी.एन.एस. (संगठित अपराध) जोड़ी गई है।

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