
Bilaspur । छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ (पंजीयन क्रमांक 6685) एवं समर्थन मूल्य धान खरीदी ऑपरेटर संघ (पंजीयन क्रमांक 122202149760) ने संयुक्त रूप से प्रदेशभर के सहकारी समितियों में कार्यरत लगभग 15,000 कर्मचारियों और 2739 उपार्जन केंद्रों के कंप्यूटर ऑपरेटरों की लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय महा हुंकार रैली का आयोजन किया।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अमर प्रजापति ने बताया कि पिछले वर्ष शासन से हुई बैठक और जारी पत्रों के बावजूद चार सूत्रीय प्रमुख मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं, तो धान खरीदी का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।
संघ की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं —
- धान खरीदी विभाग की मांगें: वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की धान खरीदी में सुखत की पूरी राशि समितियों को दी जाए, परिवहन कार्य समय पर हो, शून्य शार्टेज प्रोत्साहन दिया जाए, एवं उचित मूल्य दुकानदारों को ₹3000 मासिक भत्ता प्रदान किया जाए।
- सहकारिता विभाग की मांगें: प्रदेश की 2058 समितियों को प्रतिवर्ष ₹3 लाख प्रबंधकीय अनुदान दिया जाए तथा 2018 के सेवा नियम संशोधन में भविष्य निधि, मंहगाई भत्ता, ईएसआईसी, बोनस अंक और नियमितीकरण की व्यवस्था लागू की जाए।
संघ ने आंदोलन की रूपरेखा भी घोषित की है —
24 अक्टूबर को सभी जिलों में ज्ञापन रैली, 28 अक्टूबर को रायपुर में महा हुंकार रैली, 3 से 11 नवंबर तक संभागीय धरना, और 12 नवंबर से शासन की स्वीकृति तक अनिश्चितकालीन आंदोलन।

संघ ने मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री और खाद्य मंत्री से अपील की है कि किसानों की सेवा में लगे समिति कर्मचारियों की इन न्यायोचित मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए।




