
बिलासपुर। ग्राम पंचायत करहीकछार (हल्का नं. 14, तहसील बेलगहना, थाना कोटा) के वन अधिकार पट्टाधारी किसानों ने जिला प्रशासन से धान खरीदी प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की मांग की है। किसानों ने जिलाधीश बिलासपुर को ज्ञापन देकर बताया कि पिछले तीन वर्षों से शासन के आदेशानुसार वन अधिकार पट्टे की भूमि पर उत्पादित धान की नियमित खरीदी होती रही है, परंतु इस वर्ष धान खरीदी पूरी तरह अधर में अटक गई है। समितियों में किसान जब धान लेकर पहुँचते हैं, तो उन्हें बताया जाता है कि अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
किसानों का कहना है कि पटवारी, तहसीलदार और एसडीएम स्तर पर भी लगातार चक्कर लगाने के बाद भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। स्थिति यह है कि शासन द्वारा खरीदी नहीं की जा रही और बाजार में बेचने पर रोक व कार्रवाई की चेतावनी के कारण किसान धान बेच भी नहीं पा रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।
किसानों ने बताया कि फसल का भौतिक सत्यापन भी सही तरीके से नहीं हुआ है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में कई किसानों की फसल “नहीं पाई गई” दर्शाई जा रही है। ग्राम करहीकछार के शिवकुमार, सहोरन, बुटारी, राजाराम, दिलसाय, चैतराम, देहोला, रामचरण, जन्तीराम, सियाराम, हीरालाल, बंशीलाल, गरीबलाल आदि दर्जनों किसानों का धान न तो खरीदा गया है और न ही कूपन जारी हुए हैं।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि पूर्व वर्ष की तरह इस वर्ष भी वन पट्टाधारी किसानों का धान खरीदा जाए, ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके। किसानों का कहना है कि समय पर निर्णय नहीं लिया गया तो उन्हें भुखमरी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।




