
Bilaspur ।बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र के मंगला गांव में हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित परमानंद निषाद ने बताया कि 26 अक्टूबर की रात गांव के केजऊराम केंवट और उसके पुत्रों ने शराब के नशे में बीच चौराहे पर गाली–गलौज की। जब उसने समझाने की कोशिश की तो विवाद बढ़ गया और आरोपी सुबेल केंवट ने डंडे से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में परमानंद के सिर में गंभीर चोटें आईं और उसे 8 टांके लगाने पड़े।
पीड़ित ने उसी रात बिल्हा थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक पुलिस ने किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। परमानंद का आरोप है कि घटना के दौरान आरोपियों ने बाहरी गुंडों को भी बुलाया था, जो धारदार हथियारों के साथ गांव में पहुंचे और माहौल में दहशत फैला दी।
ग्रामीणों ने बताया कि केंवट परिवार का गांव में विवादों का लंबा इतिहास है और वे कई बार मारपीट की घटनाओं में शामिल रहे हैं। मामले में अब पीड़ित परमानंद निषाद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से हस्तक्षेप कर सुबेल केंवट, केजऊ केंवट और शैलू केंवट के खिलाफ तत्काल अपराध दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस से क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।




