फर्जी यूपीआई ट्रांजेक्शन दिखाकर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल .

बिलासपुर। शहर के सकरी थाना क्षेत्र में फर्जी यूपीआई पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक क्लीनिक संचालिका को विश्वास में लेकर अलग-अलग किस्तों में हजारों रुपये की ठगी की थी।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता सुमन शुक्ला, जो सकरी क्षेत्र में अम्बिका क्लीनिक संचालित करती हैं, ने पुलिस को बताया कि आरोपी सुधीर बरामते अपने बच्चे का इलाज कराने उनके पास आता था। जान-पहचान का फायदा उठाकर आरोपी ने 9 सितंबर 2025 को इलाज और दवाइयों के नाम पर प्रार्थिया से 3500 रुपये उधार लिए। शाम को वापस आने पर उसने अपने मोबाइल में फर्जी ट्रांजेक्शन ऐप के जरिए पैसे भेजने का दिखावा किया। व्यस्तता के कारण प्रार्थिया ने उस समय अकाउंट चेक नहीं किया।
लगातार सात दिनों तक की ठगी
हौसले बुलंद होने पर आरोपी ने 10 से 17 सितंबर के बीच बार-बार क्लीनिक आकर कभी 2000 तो कभी 2500 रुपये की मांग की और हर बार फर्जी डिजिटल ट्रांजेक्शन दिखाकर प्रार्थिया को गुमराह करता रहा। जब सुमन शुक्ला ने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया, तो पता चला कि कुल 15,000 रुपये में से एक भी रुपया उनके खाते में नहीं आया था।
पुलिस की कार्रवाई
19 सितंबर को जब आरोपी फिर से पैसे मांगने क्लीनिक पहुँचा, तो प्रार्थिया ने कड़ाई से पूछताछ की, जिससे आरोपी वहां से भाग निकला। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर सकरी थाना प्रभारी विजय चौधरी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी सुधीर बरामते (27 वर्ष) को दलदलिहापारा से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल जब्त कर लिया है। आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।




